“भगवान के घर देर है अंधेर नही” आज साबित हो गया…. अंबिका पटेल
खेल के प्रति इतनी उत्सुकता की पैसे नहीं होने की दशा में मोहल्ले के लोग मदद कर बच्ची को भेजे बॉक्सिंग चैंपियन में तो बच्ची ले आई गोल्ड मेडल… वाको इंडिया नेशनल सीनियर एंड मास्टर्स किक बॉक्सिंग चैंपियन शिप में शामिल होने के लिए अंबिका पटेल छत्तीसगढ़ से तमिल नायडू (चेन्नई ) गई हुई थी
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जहा से दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल लेकर छत्तीसगढ़ लौटी है ….जहा उनके सम्मान के लिए रायपुर के वरिष्ठ लोग शामिल हुए…
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स्थानीय नेता और समाज सेवक हसन आबदी की मदद से अंबिका पटेल को नई पंख मिल गई…अंबिका के पास चेन्नई जाने के लिए पैसे तक नहीं थे लेकिन कहावत है न “भगवान के घर देर है अंधेर नही” आज साबित हो गया….