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सावित्रीबाई फुले के नाम से जाना जाएगा पामगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला को

जांजगीर-चापा । छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पामगढ़ के कन्या उच्चतर माध्यमिक शासकीय विद्यालय को राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले के नाम से नामकरण किया गया है। राज्य सरकार द्वारा उक्त नामकरण से कन्या शिक्षा को बढ़ावा देने वाली राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले के जीवन से लोगों को प्रेरणा मिलेगी।

सावित्रीबाई फूले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले में हुआ था । उन्होंने सामाजिक विरोध का सामना करते हुए सन 1852 में महाराष्ट्र पुणे में प्रथम बालिका विद्यालय की स्थापना करने का साहसिक कदम उठाया था। उन्हें भारत की पहली महिला शिक्षक भी माना जाता है। विधवा विवाह का समर्थन किया। दलित महिलाओं को शिक्षित करने का साहसिक कार्य किया। छूआछूत दूर करने जैसी सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए संघर्ष किया। देश की महानायिका, कवियत्री, पहली महिला अध्यापक और समाज सुधारक के रूप में राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले की इतिहास में पहचान है।
सावित्रीबाई फूले ने अपने जीवन को एक मिशन की तरह जिया। उन्होंने अपने मिशन को सफल बनाने जीवन भर समाजिक विरोध का पूरे साहस के साथ सामना किया।
अब पामगढ़ के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फूले के नाम से जाना जाएगा। लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा मिलेगी

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