PM आवास योजना के 14 हजार घर अधूरे, सितंबर के बाद नहीं मिलेगी सरकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत स्वीकृत करीब 14 हजार आवास अब भी अधूरे पड़े हैं। लंबे समय से लंबित इन आवासों को पूरा करने के लिए शासन ने नगरीय निकायों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अब सितंबर माह के बाद इन निर्माण कार्यों के लिए केंद्र या राज्य सरकार की ओर से कोई अतिरिक्त राशि नहीं दी जाएगी।

शासन के निर्देश के मुताबिक, सितंबर तक लंबित आवासों के निर्माण को पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके बाद भी यदि किसी नगरीय निकाय में आवास अधूरे रह जाते हैं, तो उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी संबंधित निकाय की होगी। इसके लिए निकायों को अपने स्वयं के बजट से राशि की व्यवस्था करनी होगी।
14 हजार आवास निर्माणाधीन
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से करीब 14 हजार आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। निर्माण में देरी के कारण पात्र हितग्राहियों को अपने पक्के मकान का इंतजार करना पड़ रहा है।
सितंबर तक पूरा करने का दबाव
शासन ने लंबित आवासों को समय सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। नगरीय निकायों को निर्माण कार्यों की प्रगति की निगरानी करने और जहां काम धीमा है, वहां तेजी लाने को कहा गया है। सितंबर के बाद सरकारी फंडिंग बंद होने के कारण निकायों पर अधूरे आवासों को पूरा करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाएगी।
निकायों को अपने बजट से जुटानी होगी राशि
निर्धारित समय सीमा के बाद यदि किसी आवास का निर्माण अधूरा रहता है तो संबंधित नगरीय निकाय को अपने बजट से निर्माण पूरा कराना होगा। इससे निकायों पर वित्तीय दबाव बढ़ने की संभावना है। शासन का उद्देश्य लंबित आवासों को जल्द पूरा कर पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराना है।
अब निगाहें नगरीय निकायों की कार्रवाई पर हैं कि सितंबर तक इन 14 हजार अधूरे आवासों में से कितने निर्माण पूरे हो पाते हैं।
