टेक्नोलॉजी

रासायनिक-जैविक हमले की तुरंत मिलेगी चेतावनी, भारत ने विकसित किया

नई दिल्ली। रासायनिक और जैविक हमलों के खतरे से निपटने की दिशा में भारत ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। अब भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो ऐसे खतरों का तत्काल पता लगाकर अलर्ट जारी करने की क्षमता रखते हैं। यह उपलब्धि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की ग्वालियर स्थित डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (DRDE) प्रयोगशाला द्वारा विकसित ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर एंड अलार्म (ACADA) सिस्टम से जुड़ी है।

डीआरडीई ग्वालियर की बड़ी उपलब्धि... तैयार हुआ 'अकाडा' सिस्टम, अब रासायनिक हमलों का तत्काल पता लगाएगा भारत

यह डिवाइस हवा में मौजूद रासायनिक एजेंटों के बेहद सूक्ष्म कणों की पहचान करने में सक्षम बताई गई है। संदिग्ध रासायनिक तत्वों का पता चलने पर सिस्टम ऑडियो और वीडियो अलर्ट जारी कर सकता है, जिससे संभावित खतरे की जानकारी तत्काल मिल सकेगी।

हवा में घुले रसायनों की पहचान

ACADA सिस्टम का उद्देश्य आसपास के वातावरण में मौजूद खतरनाक रासायनिक एजेंटों की निगरानी करना है। हवा के नमूनों का विश्लेषण कर यह सिस्टम संभावित खतरे की पहचान करता है और अलार्म के माध्यम से संबंधित लोगों को सतर्क करता है।

सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

इस तकनीक के तैयार होने से संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों, महत्वपूर्ण संस्थानों और अन्य रणनीतिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। रासायनिक हमले की स्थिति में शुरुआती स्तर पर चेतावनी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों को समय रहते आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

DRDO की अहम तकनीकी उपलब्धि

ACADA को DRDO की ग्वालियर स्थित DRDE लैब ने विकसित किया है। इस प्रणाली का तैयार होना देश की रासायनिक एवं जैविक खतरे की पहचान और निगरानी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत की यह तकनीकी उपलब्धि ऐसे समय में अहम मानी जा रही है, जब दुनिया के कई हिस्सों में रासायनिक और जैविक खतरों को लेकर सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं। नई प्रणाली के जरिए संभावित खतरे का जल्द पता लगाने और समय रहते अलर्ट जारी करने की क्षमता विकसित हुई है।

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