आरडीए की पिरदा-तुलसी टाउनशिप पर कांग्रेस के सवाल, कौशल्या विहार की
रायपुर। राजधानी रायपुर के पास नकटी में कब्जे हटाए जाने के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाने के बाद कांग्रेस ने अब रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की पिरदा-तुलसी टाउनशिप को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने आरडीए की ओर से विकसित की गई कौशल्या विहार योजना की स्थिति का हवाला देते हुए नई टाउनशिप की उपयोगिता और भविष्य की योजना पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस का आरोप है कि कौशल्या विहार योजना को शुरू हुए करीब 16 साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद योजना का बड़ा हिस्सा अब भी खाली पड़ा है। पार्टी के अनुसार, कौशल्या विहार का 70 प्रतिशत से अधिक इलाका अब तक पूरी तरह आबाद नहीं हो पाया है। कांग्रेस का कहना है कि यदि पुरानी आवासीय योजना ही अपेक्षित रूप से सफल नहीं हो सकी है तो नई टाउनशिप विकसित करने से पहले पुरानी योजना की स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कौशल्या विहार में रह रहे लोगों की समस्याओं को भी मुद्दा बनाया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नई टाउनशिप की घोषणा और विकास योजनाओं को लेकर सरकार तथा आरडीए को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस का कहना है कि शहर के आसपास नई आवासीय योजनाएं विकसित करने से पहले मौजूदा योजनाओं को पूरी तरह सुविधायुक्त और आबाद करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पार्टी ने आरडीए की आवासीय योजनाओं की स्थिति, वहां उपलब्ध सुविधाओं और खाली पड़े क्षेत्रों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
नकटी में कब्जे हटाने के मुद्दे के बाद अब पिरदा-तुलसी टाउनशिप को लेकर कांग्रेस के सवालों ने रायपुर की आवासीय योजनाओं और शहरी विकास को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
