छत्तीसगढ़

अब चलते हुए चार्ज होंगी इलेक्ट्रिक गाड़िया, नई टेक्नोलॉजी बनाने की तैयारी में छात्र

भिलाई। 100 छात्र एवं 55 छात्राएं सामान्य दैनिक जीवन एवं उद्योगों की समस्याओं के समाधान पर कार्य कर रही हैं। बीआईटी दुर्ग को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हार्डवेयर एडिशन दिया है। बीआईटी दुर्ग के प्राचार्य डॉ. अरुण अरोरा ने बताया कि आईआईटी मुंबई के विद्यार्थी इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग के लिए ऐसा सिस्टम विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं जिससे चलते हुए गतिशील वाहन को बिना रोके चार्ज किया जा सके। इस नवाचार से समय एवं ऊर्जा की खपत कम हो जाएगी।

सीवरेज ट्रीटमेंट में हो रहा प्रयोग

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में स्लज का समाधान एक बड़ी चुनौती है। इसका उपचार करने के लिए स्वच्छ एवं हरित प्रौद्योगिकी के अंतर्गत रामैया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के विद्यार्थी एक बंद संरचना विकसित कर रहे हैं। यह संरचना गैस सेंसरों के माध्यम से एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता से युक्त होगी, जो न केवल मानव जोखिमों को कम करेगी बल्कि उच्च गुणवत्ता का जैविक खाद भी उत्पादित कर सकेगी। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के माध्यम से विद्यार्थी न केवल अपने नवाचार को आकार दे रहे हैं, बल्कि इस मंच के जरिए उच्च गुणवत्ता का कौशल भी अर्जित कर रहे हैं।

वेलमल इंजीनियरिंग कॉलेज चेन्नई से आए नवाचारी ऐसा वाहन बना रहे हैं जो दिव्यांगजनों के लिए आसानी से संचालित होगा। इस वाहन को विभिन्न लिंकज से जोड़कर तैयार किया जा रहा है। शहरी यातायात में सिटी बस की लाइव लोकेशन को मॉनिटर करने का सिस्टम राजकोट, गुजरात से आए विद्यार्थी विकसित कर रहे हैं। वर्तमान की ट्रैफिक की समस्या से रूबरू होते हुए कोयंबटूर से छात्र सोलेनॉइड संचालित इंजन के अनुसंधान में कार्य कर रहे हैं। प्रयोग निश्चित रूप से कम प्रदूषणकारी एवं पर्यावरण संवेदनशील ट्रैफिक व्यवस्था को प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

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