ड्रॉपआउट बच्चों की होगी डिजिटल पहचान, ‘लइका चिन्हारी’ ऐप से घर-घर सर्वे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अब डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जाएगा। शाला अप्रवेशी, शाला त्यागी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के लिए राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से ‘लइका चिन्हारी’ मोबाइल एप तैयार कराया गया है।

इस ऐप के माध्यम से मैदानी स्तर पर घर-घर सर्वे कर ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा रहे हैं या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। सर्वे के दौरान बच्चों से संबंधित आवश्यक जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी, जिससे उनका व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार हो सके।
डिजिटल रिकॉर्ड से होगी बच्चों की निगरानी
‘लइका चिन्हारी’ ऐप के जरिए चिन्हांकित बच्चों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे शिक्षा विभाग के पास ऐसे बच्चों की वास्तविक स्थिति और संख्या से संबंधित जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए उनकी जरूरत के अनुसार प्रयास किए जा सकेंगे।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की भी होगी पहचान
इस पहल के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी सर्वे में शामिल किया जाएगा। घर-घर पहुंचकर बच्चों की शैक्षणिक स्थिति की जानकारी जुटाने के साथ उन्हें उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं और योजनाओं से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
शिक्षा की मुख्यधारा में लौटाने पर जोर
सरकार का उद्देश्य स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है। डिजिटल सर्वे के माध्यम से तैयार होने वाला डेटा विभागीय स्तर पर योजनाओं की बेहतर प्लानिंग में भी मदद करेगा। इससे स्कूल छोड़ चुके बच्चों तक पहुंच बनाने और उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की उम्मीद है।
