जल संसाधन विभाग का अघोषित ENC—AC…!
रायपुर। छत्तीसगढ़ का जल संसाधन विभाग (WRD) इन दिनों चर्चाओं में ज्यादा उफान भर रहा है। विभाग के कॉरिडोर में एक ही नाम की सबसे ज़्यादा चर्चायें है – AC ..? जिनके बारे में कहा जा रहा है कि AC मतलब ENC (Earn from contractor and divide commission) विभाग के अंदर कोई काम कराना हो तो आपको AC के ज़रिए ही होगा। AC ख़ुद को cm से लेकर cmo का भी करीबी बताता है
अंदरखाने ये चर्चा है कि WRD में टेंडर ऐसे तैयार किया जाता है जिससे AC के दरबार में हाज़िरी लगा चुके को ही मिले लेकिन देखने में ऐसा लगता है की सब कुछ सिस्टम से हो रहा है
चर्चा तो ये भी की टेंडर की शर्तों को देखकर कई अनुभवी ठेकेदार अपनी फाइलें समेटकर घर लौट गए, वहीं कथित तौर पर AC की कंपनियाँ इन पहाड़ जैसे नियमों पर ऐसे चढ़ीं मानो यह उनका रोज़ का योगाभ्यास हो।
प्रमुख अभियंता (ENC) इंद्रजीत ऊईके से कथित मेल मिलाप ने इस कहानी में और भी रुचि भर दी है। आरोप तो यह तक है कि कई जगहों पर निर्माण अधूरा, घटिया और फाइलों में पूरा… और भुगतान भी बिजली की गति से। विभागीय कर्मचारियों का तो कहना है हमने पहली बार फाइल को दौड़ते हुए देखा
जल्द ही इस मामले से जुड़ी शिकायत आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) तक पहुँच पहुँचने की तैयारी है। जानकर सूत्र बताते है पूरा काला चिट्टा तैयार है और eow में शिकायत होती है और उसकी निष्पक्ष जाँच हुई तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है

