निजी स्कूलों पर कोरोना का कहर…456 दिन में 225 निजी स्कूलों में लग गया ताला…फ़ीस को लेकर नीजि स्कूलों की हुई थी आलोचना

रायपुर। कोरोना काल में नीजि स्कूल फ़ीस के मसले पर लगातार निशाने पर रहे हैं, फ़ीस को लेकर नीजि स्कूलों की आलोचना हुई, मसला हाईकोर्ट तक भी गया। फ़ीस को लेकर नकारात्मक सी छवि के बीच लेकिन विधानसभा में सरकार के दिए आंकड़े ने दूसरी तस्वीर पेश की है।

 

अप्रैल 2020 से 30 जून 2021 के बीच राज्य में संचालित 225 नीजि स्कूलों में स्थाई ताला लटक गया है। दी गई समयावधि जो 465 दिन होती है, उस अवधि में ही 225 स्कूल बंद हो गए। इनमें से 99 नीजि स्कूलों के बंद होने के कारण वाले कॉलम में ”कोरोना महामारी के कारण स्कूल संचालन में आर्थिक कठिनाई होना” दर्ज है।

 

जबकि सत्तर से उपर स्कूल के बंद होने की वजह में ”दर्ज संख्या में कमी और आर्थिक स्थिति में कठिनाई दर्ज है।”सदस्य डॉक्टर रेणु जोगी को को दिए लिखित जवाब में सरकार ने यह भी बताया है”प्रदेश के अशासकीय स्कूलों को राइट टू एजुकेशन के तहत उक्त अवधि में 155.50 करोड़ मिलना बकाया है,स्कूलों को यह राशि इसलिये कम दी गई है क्योंकि माँग के अनुक्रम में केंद्र सरकार से कम राशि कम प्राप्त हुई है.. और यह राशि कब तक स्कूलों को दी जा सकेगी यह समयसीमा बताया जाना संभव नहीं है”

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