जांजगीर चाम्पा: कलेक्टर के कार्यशैली से तंग आकर के. एस के महानदी पावर कम्पनी के 20 बर्खास्त भुविस्थापित कर्मियों ने परिवार समेत मांगी राष्ट्रपति से ईच्छा मृत्यु … मेल मिडिया, और सोशल मिडिया के माध्यम से सौंपा ज्ञापन…


जांजगीर चाम्पा । पिछले 6 महीने से न्याय की गुहार लगाते जांजगीर चाम्पा जिले के अंतर्गत अकलतरा विकासखंड के ग्राम नरियरा रोगदा नवापारा लटिया पकरिया के भुविस्थापित परिवार ने जांजगीर चाम्पा कलेक्टर श्री जे पी पाठक और श्रम पदाधिकारी श्री के के सिंह के कार्यशैली से तंग आकर

महामहिम राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है बर्खास्त भुविस्थापितो का आरोप है कि जिला कलेक्टर जे पी पाठक और श्रम पदाधिकारी के गैर जिम्मेदाराना रवैये से 20 परिवारों की रोजी रोटी छिन ली गयी उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि कलेक्टर उनकी सुनते नही है

उलटे उनको धमकाया जाता और उनसे दुर्व्यवहार भी किया जाता है और श्रम पदाधिकारी उनको बोलते है कि कंपनी प्रबन्धन मेरा कहना नही मानता तो मैं क्या करूँ मैंने श्रम न्यायालय मामले को भेज दिया है अब जब फैसला आएगा

तो देखा जायेगा मै आदेश नही दे सकता श्रम पदाधिकारी अपने कार्यालय में हुए समझौते को पालन नही करवा रहा है आगे भुविस्थापितो ने यह भी बताया कि उन सभी को रात 1 बजे कलेक्टर के आदेश पर जेल में डाल दिया जाता है मुख्यमंत्री से मिलने जाते है तो भी गिरफ्तार कर लिया जाता श्रम मंत्री से लेकर गृह मंत्री कोई भी हमारी समस्याओं का हल नही निकाल रहा है

इससे क्षुब्ध होकर सभी बर्खास्त के एस के कर्मियों ने परिवार समेत राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है उन्होंने साफ़ कहा है कि गरीबो की इस जिले और प्रदेश में कोई सुनने वाला नही है ऐसे में जी कर भी क्या करना जितनी भी जीवन यापन के लिए जमीन था उसे पावर प्लांट द्वारा ठगी करके खरीद लिया गया अब नौकरी ही एकमात्र जीवन यापन करने का सहारा था

उसे भी वेतन बढ़ाने की मांग करने के वजह से दुर्भावना पूर्वक छीन लिया गया जिसमें जिला कलेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका है वर्तमान परिस्थितियों में वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप पुरे देश में चल रहा है फिर भी न्याय नही मिलने से सभी पीड़ित परिवार अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे है इन सब बातों को शासन प्रशासन तक पहुँचाने के लिए पीड़ितों के द्वारा वीडियो सन्देश भी जारी किया गया है

ताकि उनके दुःख और तकलीफ शासन और प्रशासन के साथ साथ आम जनता तक पहुँचे पीड़ितों ने बताया है कि लगातार 6 महीने से मीडिया में खबरे प्रकाशित और टेलीकास्ट हो रहा है फिर भी छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री कहे जाने वाले भूपेश बघेल जी ने अभी तक इस मामले में कोई संज्ञान नही लिया जबकि सभी लोगो से मिलने के साथ साथ लगातार पत्राचार किये है।

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