मनरेगा से बने तालाब का मामला गरमाया, ग्रामीण पहुंचे राजभवन
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर में सार्वजनिक तालाब को पाटने के गंभीर मामले में अब ग्रामीण खुलकर सामने आ गए हैं। सत्ता के संरक्षण में अभयदान पाए भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के खिलाफ ग्रामीणों ने लामबंद होकर राज्यपाल को लिखित शिकायत सौंपी है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2013-14 में लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक उपयोग के तालाब को ग्राम सभा की अनुमति, प्रस्ताव और पर्यावरणीय स्वीकृति के बिना निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पाट दिया गया। आरोप है कि तत्कालीन सरपंच-सचिव और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर यह कार्रवाई की गई, जिससे तालाब का अस्तित्व ही समाप्त हो गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला विधानसभा में उठने, कलेक्टर व एसडीएम के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट व पर्यावरणीय नियमों के स्पष्ट आदेशों के बावजूद आज तक न तो तालाब का पुनर्निर्माण हुआ और न ही दोषियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और प्रशासन के प्रति गहरा अविश्वास पनप रहा है। ग्रामीणों ने राज्यपाल से दोषी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, तालाब के शीघ्र पुनर्निर्माण, निजी कंपनी से पर्यावरणीय क्षति की वसूली और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

